छात्र

कौशल एवं क्षमता वृद्धी

क्षमताओं का विकास जीवन

में यश पाने के लिये

निहायत ज़रूरी है

Skill Development

राष्ट्र के नवयुवकों का "योग्य क्षमता विकास"

प्रतिभा का सही अनुशासन और उपयोग यह किसी भी संस्था चालक के लिये एक चुनौती होती है I [हार्वर्ड बिझिनेस रिव्यु – https://hbr.org]. भारत जैसे देश के लिये, जहां मानवी विकास का निर्देशांक नीचली स्तर पर है, मानव अनुसन्धान की नीति बनानेवालों के लिये, शिक्षाविशारदों के लिये और पूरे समाज के लिये यह चुनौती बेहद सख्त है।

मुक्त बाज़ार, उदारतावादित्व और विश्वभौमिकता के कारन ये चुनौतियां अधिक कठिन हो गयी है और स्नातकोंकी विश्व विद्यालयोंकी उपाधियां सिर्फ नाम मात्र रह गयी हैं। इन उपाधियों को एक "निम्नतम प्रारंभिक स्थान" के रूप में देखा जाता है, जो रोज़गार और पेशे के प्रगति के लिये अपर्याप्त माना जाता है। विश्वस्तरीय और उद्योग जगत की स्पर्धाओं ने आज के युवा पीढ़ी के सामने विश्वविद्यालयों की उपाधियों के पार विविध प्रकार की कठिन चुनौतियां राखी है।

इस कारन, देश को चाहिये की सिर्फ उपाधि धारकों की संख्या विस्तारित करने की बजाय अपनी शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक रूप से बदल करें। शैक्षिक तथ्यों को, परीक्षा के मध्य नज़र, कण्ठस्थ कराने की नीति भुलाकर सक्षम, विश्वस्तर पर योग्य और कुशल तथा जिम्मेदार नागरिक निर्माण करने की नीति अपनाना ज़्यादा उचित होगा।

"पेरिशिया" © : एंटेल्की की क्षमता और प्रतिभा विकास प्रणाली

राज्य और राष्ट्रीय स्तरों के चुनिन्दा स्पर्धा परीक्षा में अपने स्नातकों को शत प्रतिशत यश मिले और वे बाकी शैक्षिक संस्थाओं के स्नातकों से अधिक आगे निकल जायें यह सपना शायद हर शैक्षिक संस्था देखती है। उसी तरह हर पालक चाहता है की अपना पाल्य सिर्फ शैक्षिक ही नही, बल्कि अतिरिक्त परीक्षा और स्पर्धाओं में अच्छे गुण का प्रदर्शन करे।

ऐसे सपनों को और चाहतों को सुगम बनाने के लिये एंटेल्की ने क्षमता और प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु एक प्रणाली विकसित की है। यह प्रणाली "पेरिशिया" नाम से जानी जाती है। इसमें कई प्लान हैं जैसे की, बच्चों का क्षमता विकास प्लान (पूरे साल के लिये), कम समयवाले (२ से ३ महीने) अलग- अलग क्षमता बढ़ानेवाले, व्यक्तिगत क्षमता विकास के प्लान।

आप निचे दिए गये प्लान में से कोई भी प्लान अपना सकते हो, जो आपकी इच्छा और सपनों को अंतिम परिणाम दे सके:

 

शैक्षिक प्रदर्शन में सुधार लाने के लिये

भाषा निपुणता

गणितीय क्षमता

विश्लेषण और तार्किकता और युक्तियुक्तता

स्मृति

एकाग्रता

आकलन और आत्मसाकरन

मौखिक संभाषण

सर्जनशीलता

शारीरिक क्षमता

सर्व साधारण स्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिये

भाषा निपुणता

गणितीय क्षमता

विश्लेषण और तार्किकता और युक्तियुक्तता

स्मृति

एकाग्रता

आकलन और आत्मसाकरन

सर्जनशीलता

सामान्य जानकारी

समय प्रबंधन

मौखिक संभाषण

शारीरिक क्षमता

रोज़गार क्षमता बढ़ने के लिये

भाषा निपुणता

गणितीय क्षमता

विश्लेषण और तार्किकता और युक्तियुक्तता

एकाग्रता

सर्जनशीलता

समय प्रबंधन

मौखिक संभाषण

शारीरिक क्षमता: शक्ति, उर्जस्विता

जिम्मेवारी का एहसास

सामाजिकता

जिम्मेदार नागरिक विकसन के लिए

समय प्रबंधन

सामाजिकता

जिम्मेवारी का एहसास

मूल्य, शिष्टाचार और आचरण

पर्यावरण अनुशासन

आपदा अनुशासन

विषयक चित्र - एंटेल्की प्रणाली

मूलभूत कौशल

दैनिक आवश्यकताओँ को पूरा करने की दृष्टि से आवश्यक, पर्याप्त धन देनेवाला रोजगार प्राप्त करने के लिए लोगों को जिन सर्वाधिक प्राथमिक, मूलभूत कौशलों की आवश्यकता है, उसमें साक्षरता और अंकीय कौशल का समावेश होता है।

हस्तांतरणीय कौशल

समस्या को सुलझाना, प्रभावशाली सम्प्रेषण और रचनात्मकता आदि ऐसे कौशल हैं, जिन्हें अलग कार्य वातावरण को अपनाने और लाभदायक रोजगारों में टिके रहने के लिए आवश्यक माना जाता है।

व्यावसायिक कौशल

मूलभूत और हस्तांतरणीय कौशलों से निर्मित मजबूत नींव विकसित करने के बाद प्रारंभिक अवस्था से लेकर उच्च कुशल अवस्था तक उस रोजगार से संबंधित सारा तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने का इसमें समावेश होता है।

उद्यमीय कौशल

उद्यमशीलता के विकास के लिए आरंभ में मूलभूत कौशलों की और सफल होने के बेहतर अवसर को सुनिश्चित करने के लिए स्थापित अन्य हस्तांतरणीय कौशलों की ठोस नींव आवश्यक होती है।